Story behind the story
आज का दिन भी कुछ एक खबरों को ढूंढते हुए ही निकला। आज गन्ना किसानों को राहत मिलने वाली थी, इस खबर को लेकर पूरे कृषि भवन में हर विभाग का छान मारा। एक एक विभाग अधिकारी, हाथ में विजिटिंग कार्ड लेकर हर एक विभाग के अधिकारी से मिली, अपना परिचय दिया। दरअसल, रोज नए संपर्क बनाने होते हैं। मैं नई हूं रिपोर्टिंग में। इसलिए रोजाना मैं खबर भले ही एकदम से ब्रेक न कर पाऊं लेकिन दूसरी बार के लिए कुछ नए कंन्टैक्ट जरूर बनाती हूं और अलग लोगों से मिलकर एक अनुभव होता है।
आज एक चीज बहुच अजीब सी दिखी। ज्यादातर हम जिस भी गाड़ी में जाते हैं, ड्राइवर अक्सर बेकार सी चीजें, मस्ती और एंटरटेनमेंट देखते हैं। विजय चॉक पर या तो तास खेलते हैं या गाने सुनते हैं टाइम पास करते हैं। लेकिन आज एक ड्राइवर मिले जो हाथों में मोबाइल लेकर कुछ अंग्रेजी की कोई डिबेट सुन रहे थे। पॉलिटिकल और कई तरह की बहस। देखकर बहुच अच्छा और शॉक्ड लगा। मैंने जब पूछा तो कहते हैं मैं समझता हूं इंग्लिश। मुझे वक्त को किल करना नहीं पसंद। मैं ऐसे ही चीजें जानकारी और ज्ञान के लिए सुनता हूं देखता हूं।
घर जाकर भी और यहां बैठकर। मुझे लगता है सही समय पर सही चीज का इस्तेमाल करें तो अच्छा है।
एक अच्छी चीज ये लगी की हम किसी से भी कुछ भी सिख सकते हैं।


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