आखिर ब्लैक मंडे का जिम्मेदार कौन?
नई दिल्ली। नॉर्दर्न ग्रिड फेल होने की वजह से सोमवार को 9 राज्यों की बत्ती गुल रही। जिससे जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित हुआ। इसको लेकर बिजली मंत्री सुशील कुमार शिंदे व पावर कारपोरेशन आफ इंडिया ने तीन सदस्यीय की एक कमेटी को इस मामले की जांच करने के आदेश दिए हैं। लेकिन गौर करने वाली बात यह है कि नेशनल लोड डिसपैच सेंटर [एनएलडीसी] ने इस पूरे मामले के लिए स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड को ही जिम्मेदार ठहराया है।
सूत्रों के मुताबिक मई महीने में ही सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी आथॉरिटी [सीईआरसी] ने कुछ राज्यों के स्टेट लोड डिसपैच सेंटरों [एसएलडीसी] को एक नोटिस जारी कर दिया था जिसमें पंजाब, उत्तर प्रदेश, राजस्थान व हरियाणा द्वारा अधिक बिजली खपत होने की बात पर आपत्ति जताई गई थी।
गौरतलब है कि सीईआरसी ने एसएलडीसी को पहले ही चेतावनी दे दी थी कि उल्लेखनीय राज्य अपने अधिकार क्षेत्र से अधिक बिजली का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिसका हर्जाना बाद में अन्य राज्यों को भुगतना पड़ेगा। लेकिन इन राज्यों ने ग्रिड के किसी भी आदेश का पालन नहीं किया
गौरतलब है कि जून में उत्तर प्रदेश ने 3,762 मेगवाट बिजली की खपत की है, जबकि यूपी को 3,011 मेगावाट बिजली का अधिकार प्राप्त है। वैसे ही राजस्थान 1,407 मेगावाट के बदले 1,505 मेगावाट बिजली की खपत की है। वहीं हरियाणा ने 1,817 मेगावाट के बदले 20,648 मेगावाट बिजली की खपत की है।
इससे यह साफ होता है कि पिछले दिनों कुछ राज्यों में जरूरत से अधिक बिजली खपत होने का ही फल है जो सोमवार को अन्य राज्यों को भी झेलना पड़ा।



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