Noida Private Hospital Fraud: डाक्टर बुकिंग के नाम पर चल रहा फ्राड, एकाउंट हैक से सावधान
निजी अस्पताल में डाक्टर का अपाइंटमेंट दिलाने के नाम पर हो रही एकाउंट हैकिंग
Noida Hospital Fraud Live Case: क्या आपने अपने शहर के किसी बड़े अस्पताल में डाक्टर का अपाइंटमेंट लेने के लिए अस्पताल के नंबर पर काल किया है। क्या कालर ने आपसे टोकन जेनरेट करके अपाइंटमेंट लेने के लिए कहा है। अगर हां, तो ऐसा बिल्कुल ना करें और अगर आपके साथ ऐसा अब तक नहीं हुआ है, तो तुरंत सावधान हो जाएं क्योंकि यह एक बहुत बड़ा फ्राड है, जो इन दिनों बड़े अस्पतालों में डाक्टर के अपाइंटमेंट बुकिंग के नाम से चल रहा है।
कैसे हो रहा है यह फ्राड
फ्राड की शुरुआत कुछ ऐसे होती है, जब कोई गुगल पर अस्पताल का नाम और अपनी लोकेशन लिखेगा तब सबसे पहले जो नंबर पाप अप होगा, जाहिर है व्यक्ति उसपर ही काल करेगा। काल लगते ही कालर व्यक्ति से अस्पताल का नाम लेकर कहेगा कि अब डाक्टर की बुकिंग के लिए एक टोकन जेनरेट करने का सिस्टम शुरू हुआ है। आपको भी ऐसा ही करना होगा, इस टोकन की मदद से आप आने वाले 15 दिनों तक कभी भी किसी भी वक्त डाक्टर दिखाने आ सकते हैं। इसके बाद वह व्यक्ति को व्हाट्स एप पर हाइ का मैसेज भी भेजेगा ताकि व्यक्ति को बुकिंग लिंक भेजा जा सके। फिर वह व्यक्ति को एक एपीके फाइल भेजेगा, जिसे डाउनलोग करने पर (याद रखें एपीके फाइल हमेशा फ्राड फाइल होती है) एक ऐप अपने आप ही इंस्टाल हो जाएगी, जिसमें व्यक्ति नाम और फोन नंबर के साथ टोकन काटने के लिए पांच रुपए की पेमेंट कर पाएगा। जैसे ही व्यक्ति उस पेमेंट मोड पर क्लिक करेगा तभी एकाउंट से पैसे कटने शुरू हो जाएंगे।
अगर पेमेंट किसी कारणवश कैंसल हो जाती है तो व्यक्ति के पास सुरक्षा अलर्ट के रूप में बैंक से संदेश आने शुरू हो जाएंगे कि आपकी पेमेंट रद्द हो गई है, आपने क्या किसी और नंबर से ट्रांजिक्शन करने का प्रयास किया है ? हां इस पूरी प्रकिया के दौरान कालर फोन पर ही जुड़ा रहेगा और व्य्कति को गाइड करता रहेगा। जैसे ही व्यक्ति उसे बताएगा कि ऐसा हो रहा है तो वह पूरी तरह से नेटवर्क की गलती बताकर मुकर जाएगा। इसके बाद वह व्यक्ति से दूसरे बैंक अकाउंट की जानकारी भी मांगेगा ताकि उससे पैसे निकाल सके। साथ ही यह भी बोलेगा कि मैं टोकन निकालकर दे देता हूं। इसके तुरंत बाद अलग-अलग फ्राड नंबर से आपके पास 10 – 12 मैसेज आएंगे जो बिल्कुल उल जलूल होंगे या फिर किसी में ओटीपी मांगा जाएगा।
इन बातों का रखें खयाल
हमेशा अस्पताल के मान्य एप से ही अपाइंटमेंट बुक करें।
किसी भी एपीके फाइल को क्लिक करके डाउनलोड करने से बचें।
बार-बार सुरक्षा के अलर्ट आएं तो उसे नजरअंदाज न करें।
तुरंत अपने बैंक अकाउंट से जुड़ी संबंधित सेवाओं को रद्द करें या फिर पिन बदल दें।
अगर नेटबैंकिंग का इस्तेमाल करते हैं तो तुरंत वहां जाकर यूपीआइ से जुड़ी सेवाओं को फिलहाल के लिए रद्द कर दें।



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