Lockdown Diary: अपने वर्तमान से इतनी मोहब्बत करो कि भविष्य की झोली भर जाए
Lockdown Diary में आज -वैसे तो लॉकडाउन के दौरान लोग घरों में बहुत कुछ कर रहे हैं। योगा, म्यूजिक,अपनी हॉबी,क्लासेज,गार्डनिंग,सफाई,पढाई,ऑफिस का काम और मेडिटेशन..इसलिए मैं किसी को कोई नई नसीहत या सजेशन नहीं दूंगी...मैं तो बस रोजाना आपसे लॉकडाउन डायरीज में एक अनुभव, एक एहसास साझा करती हूं,क्योंकि मुझे ऐसा लगता है कि ये एहसास आपको भी होता है, बस आप उसे कह नहीं पाते या समझ नहीं पाते।
पूरे दिन खबरों में रहने के बाद कोरोना, लॉकडाउन के सभी अपडेट्स पर काम करने के बाद शाम को जब घर लौटती हूं तो वो सूनी सडकें देखकर कुछ याद आता है। पता है क्या वो आजादी..जब कल तक हम बगैर किसी भी बंदिश के कहीं भी जाते थे, सड़कों पर गाडियां और ट्रैफिक, घर में आकर फिर बाहर निकल जाना, अगर किसी दोस्त ने नीचे बुला लिया तो रात को 10 बजे भी चाय के ठेले पर चले जाना। यही नहीं अपनी मर्जी, अपने लोग,मन आया किया मन आया गाली दे दी। हम हर चीज कितनी कंसिडर लेते थे, है ना..
जब हम ऑफिस से आकर ऑफिस को गाली देते थे, बॉस की बिचिंग करते थे, रिश्तों से खुश नहीं, कभी नाराजगी,कभी ये गम कि मुझे ये नहीं मिला, वो नहीं मिला। रोज शिकायत, खाना अच्छा नहीं है, कितना काम है।आज मूड अच्छा नहीं है, आज गुस्सा आ रहा है,जिंदगी से बस शिकायत ही शिकायत रहती थी..लेकिन क्या आज आपको इस बात का एहसास नहीं हो रहा है कि जो हमारे पास होता है वो सबसे बेहतर है। आज उन चीजों की कीमत समझ आ रही है ना।घर याद आ रहा है, वो ऑफिस,वो दोस्तों की कद्र हो रही है ना। जब ये चीजें, ये रिश्ते हमारी जिंदगी में होते हैं तो हम उनकी कद्र नहीं करते,लेकिन जब दूर जाते हैं तब उनकी वेल्यू समझ आती है।
यही नहीं,ये प्रकृति जिसे हमने नकार दिया था, पेड़ -पौधे, पंक्षी,हवा,रात का चांद, नीला और साफ आसमान,सितारे और ये जानवर। ये सब थे हमारे पास हमेशा ही , लेकिन हमने कभी पलटकर नहीं देखा, ये सोचकर कि इनको क्या देखना, ये तो हैं ही अपनी जगहों पर । आज जिंदगी आपको एक मौका दे रही है,इन सब चीजों को महसूस करने का, इनकी इज्जत करने का। इन्हें सम्मान देने का। जिंदगी और ये लॉकडाउन का वक्त आपको सिखा रहा है कि आपके पास जो भी है उसे सम्मान दें, प्यार दें, क्या पता कल हो ना हो...कल ये चीजें मिले न मिले। ये रिश्ते हो ना हो..हमारे पास जो आज है वर्तमान में वो अजीज है..उसकी कीमत समझो। ....उससे मोहब्बत करो.।


Kya pata kal ho na ho
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