Cancer दूर रखने का मंत्र :Triple S- Self Care, Self Checking, Stress Free Life

World Cancer Day 2023: कैंसर के बारे में बात करना, इसके कारण, लक्षण या इलाज, कैंसर कितने टाइप्स के होते हैं, कौन से कैंसर के मामले ज्यादा बढ़ रहे हैं, किस कैंसर के लक्षण कैसे होते हैं, बहुत कुछ है, ये एक साइलेंट किलर है और धीरे धीरे शरीर में घुसकर शरीर को खत्म कर देता है..कैंसर पर चर्चा एक विशाल टॉपिक है और ज्यादातर हर कोई इस बारे में बहुत अच्छे से जानने लगे हैं.

इसलिए हम इस आर्टिकल में आपको आम भाषा में कैंसर किस तरह से लोगों की जिंदगी में घर कर रहा है, कैंसर के हालिया आंकड़े, किस कैंसर का खतरा ज्यादा हो रहा है, उसके इलाज के लिए क्या करें और सबसे जरूरी कैंसर ना हो इसके लिए किन सिंपल बातों का ध्यान रखें-इसपर ही चर्चा करेंगे.

कैंसर क्या है, ये तो आपको बताने की जरूरत नहीं है. मानव शरीर कई अनगिनत कोशिकाओं यानी सैल्स से बना हुआ है और इन कोशिकाओं में निरंतर ही विभाजन होता रहता है, ये एक सामान्य प्रक्रिया है. इसपर शरीर का पूरा नियंत्रण होता है, लेकिन कभी-कभी जब शरीर के किसी विशेष अंग की कोशिकाओं पर शरीर का नियंत्रण बिगड़ जाता है और कोशिकाएं बेहिसाब तरीके से बढ़ने लगती हैं, उसे कैंसर कहते हैं.

कैंसर की शुरूआत कैसे होती है ?

मानव शरीर में जब कोशिकाओं के जीन में परिवर्तन होने लगता है, तब कैंसर की शुरुआत होती है, ऐसा नहीं है कि किसी विशेष कारण से ही जीन में बदलाव होते हैं, यह स्वंय भी बदल सकते हैं या फिर दूसरे कारणों की वजह से ऐसा हो सकता है, जैसे- गुटका-तंबाकू जैसी नशीली चीजें का सेवन करने से, अल्ट्रावॉलेट रे या फिर रेडिएशन ज्यादा लेने से, किसी इंफेक्शन की वजह है, नींद, बिगड़ती लाइफस्टाइल आदि इसके लिए जिम्मेदार हो सकते हैं. 

जैसे-जैसे शरीर में कैंसर वाली कोशिकाएं बढ़ती रहती हैं, वैसे-वैसे ट्यूमर यानि एक प्रकार की गांठ उभरती रहती है, अगर इस गांठ का इलाज सही समय पर नहीं किया जाए तो ये खतरनाक बन जाती है.

शरीर में किन लक्षणों से आप कैंसर की पहचान कर सकते हैं, इसके कारण और इलाज क्या 

मॉर्डन लाइफस्टाइल, लंबे समय तक सिस्टम पर काम करना, तनाव से भरा जीवन, शराब, सिगरेट का सेवन, स्तनपान कम करवाना. इन सारी वजहों के कारण कैंसर पैदा होने की संभावना बढ़ जाती है. विशेषज्ञ बताते हैं कि कैंसर का इलाज आज भी ठीक तरह से संभव नहीं हो पाया है, आजकल कम उम्र में भी कैंसर होना आम हो गया है, कैंसर का सबसे पहला और जरूरी इलाज यही है कि सही समय पर कैंसर कोशिकाओं का पता चल जाए, ताकि वो खतरनाक रूप ना ले सके.

क्या कहते हैं आंकड़ें

नेशनल कैंसर रेजिस्ट्री प्रोग्राम रिपोर्ट 2020 के मुताबिक साल 2025 तक पुरुषों में कैंसर के मामले 679,421 से 763,575 तक पहुंच जाएंगे, वहीं महिलाओं के 712,758 से ज806,218 तक पहुंच जाएंगे. पुरुषों में लंग, ओरल और कोलोरेक्टल कैंसर सबसे ज्यादा होंगे. कैंसर के 5-10 फीसदी मामले जेनेटिक होते हैं, लेकिन बाकी हम खुद कैंसर को न्योता देते हैं, कैंसर जैसी बीमारी के लिए हम खुद जिम्मेदार होते हैं.

मुंह, ओरल और फेफड़ों के कैंसर के लिए-तंबाकू, सिगरेट, नशीले पदार्थों का सेवन करना ही मुख्य कारम है. इसके अलावा, गैस और जहरीली धुआं, जैसे कारखाने और चिमनी में काम करने वालों को भी इसकी दिक्कत होती है.

कैंसर पीडित (Cancer Survivor) 

नाम नहीं बताने की गुजारिश से ब्रेस्ट कैंसर से जूझ रही 38 साल की एक महिला पत्रकार बताती हैं कि ये एक ऐसी बीमारी है जो न सिर्फ आपके शरीर को गिरफ्त में करती है बल्कि पूरे परिवार को अपना शिकार बनाती है, इसमें मेडिकल ट्रीटमेंट से ज्यादा मानसिक तौर पर सजगता और मजबूती की आवश्यकता होती है. आप मन को मजबूत रखकर ही इस बीमारी का सामना कर सकते हैं. एक और पत्रकार मुंबई के टाटा मेमोरियल में कैंसर का इलाज करवा रहे हैं, उनके अनुभव भी ऐसे ही हैं, जिंदगी कैंसर के बाद ज्यादा खूबसूरत लगने लगी है. उनका कहना है कि हम जीते जी जिंदगी को कोसते रहते हैं इसलिए शायद हमें रोशनी दिखाने के लिए ऐसा कुछ होता है. जिंदगी को हमेशा शुक्रिया करते रहना चाहिए.

महिलाओं में बढ़ते ब्रेस्ट और सर्वाइकल कैंसर के मामलों को देखते हुए चेंज जैसी बेसरकारी संस्थाएं भी समाज और सरकार में कैंसर के प्रति जागरुकता लाने का प्रयास कर रही है. उनका कहना है कि राज्य सरकारों को अपने स्थानीय क्लिनिक में ब्रेस्ट कैंसर की स्क्रीनिंग का बंदोबस्त करवाना चाहिए, इससे हमें इस कैंसर की रोकधाम में मदद मिलेगी, सही समय पर पहचान कैंसर का सही इलाज

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