#LockdownImpact: जीवन की सच्चाई-हमारा कुछ भी नहीं...

जितना कोरोना काल के दौरान लोगों को बाहर निकलने, घुमने और एक शहर से दूसरे शहर जाने से रोका गया, मैंने उतना ही ट्रैवल किया। इस ट्रैवल के दौरान मैंने एक बात महसूस और अनुभव की कि हमें किसी भी एक जगह से लगाव नहीं रखना चाहिए। इससे तकलीफ होती है, जैसे कि ये मेरा घर है, ये मेरी जगह,ये मेरा कमरा है। हमें जहां जैसे मिले जीने की आदत डाल लेनी चाहिए। जिंदगी कुछ ऐसी ही है, एक पंक्षी की तरह। किसी एक जगह से प्यार हो जाना जीवन को बंदिश में डाल देता है। फिर जब हम उस जगह को छोड़ते हैं तो तकलीफ होती है। इसलिए इस बात को समझिए कि कहीं भी रह लेना, रात बिता देना और उस जगह को ही अपना समझ लेना एक कला है। मैंने इस एक साल में 7 शहरों में अपना वक्त बिताया हैं  । कभी काम के सिलसिले में तो कभी ऐसे ही, कभी इलाज के लिए तो कभी पहाड़ों पर एकांत में रहने के लिए। कभी किसी रात किसी शहर में तो चंद रोज बाद किसी और शहर में। कहीं बिस्तर मिलता था ठीक से तो कहीं नहीं। कहीं रहने का ठोर था तो कहीं नहीं। कपड़े का एक बैग और कुछ जरूरी सामानों के साथ मैं हर महीने एक नई जगह में अपना नया घर बसा लेती थी। मुझे उस वक्त इस बात का एहसास नहीं हुआ लेकिन आज जब अपने घर आई हूं तो लगता है जैसे यहां मेरा कुछ अपना नहीं है। दरअसल, हमारी जिंदगी की ये सच्चाई है कि हमारा कुछ भी नहीं है। हम जहां चार पल बिता दें वहीं हमारा है। कोई जगह स्थायी नहीं होती। कुछ अपना नहीं होता। 

मुझेे कई लोगों ने कहा कि कैसे तुम इधर उधर भटकती रहती हो । कहीं भी सो जाती हो, क्या तुम्हें एडजस्ट करने में दिक्कत नहीं होती। मैंने जवाब दिया नहीं...क्योंकि मुझे हर जगह ही अपनी लगती है। मतलब मुझे किसी भी जगह से लगाव नहीं होता कि अगर मैं एक जगह से दूसरी जगह जाऊं तो दिक्कत हो। क्योंकि लोगों को एक जगह रहने की आदत हो जाती है। फिर किसी और जगह जाने में दिक्कत होती है। मुझे ऐसा कुछ नहीं लगता। मैं जिस भी नई जगह जाती हूूं वहां बहुत जल्दी एडजस्ट कर लेती हूं। मुझे जगह से लगाव नहीं होता। दरअसल, लगाव ही दिक्कत का कारण बनता है। हमें एक जगह रहते रहते उस जगह की आदत हो जाती है, एक लगाव सा हो जाता है। ये लगाव बाद में तकलीफ देता है। दूसरी जगह या बिस्तर पर नींद नहीं आती। मन कहीं और होता है और हम कहीं और। जिस उद्देश्य से हम उस जगह जाते हैं वो काम ठीक से नहीं करते। इसलिए बेहतर है कि कोई एक जगह से लगाव न रखें। हर कोना ही आपका घर है लेकिन दिल से आप खुद को लगाव मुक्त रखें। तभी जीवन में हर स्थान का सही आनंद ले पाएंगे। 

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