Lockdown Impact : बंद और अंधेरी गलियों के आगे एक रास्ता और भी है...

बीती रात वह सो नहीं पाए। कल जो भी हुआ था, उससे वह बुरी तरह आहत हुए थे। उन्हें लगा कि जैसे जिंदगी अचानक रुक गई है। ‘हम जब बुरी तरह से टूट जाते हैं, तब हमें खुदको नए सिरे से संभालना पड़ता है। धीरे-धीरे हम खुदको जोड़ते हैं और फिर सब ठीक हो जाता है।’यह मानना है डॉ. नैन्सी बर्न्स का। वह ड्रेक यूनिवर्सिटी में सोशियोलॉजी की एसोसिएट प्रोफेसर हैं। उन्होंने एक कमाल की किताब लिखी है, क्लोजर: द रश टू ऐंड ग्रीफ ऐंड व्हाट इट कॉस्ट्स अस। कभी-कभी हम ऐसे मुकाम पर होते हैं, जहां हमें जिंदगी बंद गली की तरह नजर आती है। हो सकता है कि हम जिस गली से गुजर रहे हों, उसकी वह बंद गली ही हो। लेकिन वह हमारी जिंदगी की भी बंद गली हो, यह तो कतई जरूरी नहीं। वैसे तो हर गली कहीं न कहीं जाकर बंद होती ही है। लेकिन उसका मतलब दुनिया का अंत नहीं है। और हमारे लिए यही समझना बेहद जरूरी है।

हम कभी बुरी तरह टूट जाते हैं। उस टूटन का मतलब यह तो कतई नहीं कि हम सचमुच इतना ज्यादा टूट गए हैं कि अब फिर से जुड़ने की कोई वजह ही नहीं रही। हम कितना भी टूट गए हों, जुड़ने की कोई न कोई वजह तो बनी रहती ही है। और अगर हममें हिम्मत है, तो हम उस टूटन से बाहर निकल भी आते हैं। जिंदगी के मायने भी यही हैं कि वह रुकती नहीं है। और जिंदगी के इतने आयाम होते हैं कि कोई बंद गली आपको रोक नहीं सकती। एक गली बंद होती है, तो दूसरी खुल जाती है। यह जरूर है कि हमें इधर-उधर होना पड़ता है। एक सीधी लकीर पर हम चले जा रहे थे, वह कहीं जाकर मिट गई है। लेकिन और लकीरें हैं, जो हमें अभी दिख नहीं रही हैं। हम कोशिश करेंगे, तो वे भी दिख जाएंगी..

ये लेख मेरा नहीं है, लेकिन भावनाएं और सोच बिल्कुल मिलती जुलती हैं। मैं भी ऐसी ही एक बंद गली से गुजर रही हूं, मेरे आगे भी अंधेरा सा रास्ता है, लेकिन दिल के किसी कोन में धूप पहुंच रही है, ऐसा लग रहा है जैसे ये नहीं तो कोई और रास्ता बाहें पसारे मेरा इंतजार कर रहा है। बस हमें एक कदम बढ़ाने की जरूरत है, हम अगर आज रुक गए और सोचा कि अब सभी राहें खत्म हो गई तो जिंदगी दोबारा मौका नहीं देगी। हिम्मत का एक कदम हमें फिर से एक नई मंजिल की ओर बढने में मदद करेगा। दरअसल, आजकल 10 में से 5 लोग इसी बंद गलियों में भटक रहे हैं, उन्हें लगने लगा है जैसे इसके आगे और कुछ नहीं है। लकिन ऐसा नहीं है सितारों के आगे एक जहां और भी है...हमें उस पार जाना है। हर अंधेरी रात के बाद एक सवेरा होता है। 

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