...और एक रात ने आमिर को बना दिया विलेन नं 1

आमिर खान ने देश में बढ़ती असहनशीलता पर अपनी सोच क्या जाहिर की उनके चाहने वाले ही उनके एक रात में दुश्मन बन गए। क्या सच में ये सोच आमिर की है या उनकी पत्नी की निजी राय है जिसे उन्होंने सांझा पब्लिक फोरम पर सांझा किया।
आमिर के जिस बयान को लेकर हम इतना हल्ला मचा रहे हैं क्या हमने ये सोचा कि वो बयान आमिर ने नहीं बल्कि उनकी पत्नी ने दिया था। उन्होंने एक बार भी नहीं कहा कि वे देश छोड़कर जाना चाहते हैं।
सबसे बड़ी बात तो ये है कि हम एक रात में किसी को हीरो बनाते हैं और एक रात में ही जीरो। आमिर ने एक छोटी सी बात क्या कह दी, अपनी पत्नी की राय क्या दी, वे तो हीरो से विलेन हो गए। वही लोग जो कल तक उन्हें सिर पर बिठाने को तैयार थे आज उन्हें देशद्रोही कह रहे हैं। मैं पूछना चाहती हूं ये कितना सही है। हम अपने ही लोकप्रिय स्टार्स को लेकर कितने बायस हैं। एक ही पल में उन्हें आसमान पर बिठाते हैं और दूजे ही पल एक रिमार्क से बस खेल खत्म। वाह रे ऑडियंस।
ऐसा पहली बार हुआ है जब आमिर खान इतने बड़े विवाद में फंसे हैं। बॉलीवुड में आमिर की शख्सियत परफेक्शनिस्ट के तौर पर है। भले ही वे साल में एक फिल्म बनाते हैं लेकिन जब पर्दे पर आते हैं तो शाहरुख सलमान के छक्के छूट जाते हैं। वे ऐसे अभिनेता हैं जो हर किसी के दिल पर राज करते हैं, उन्होंने अपने टीवी रियलिटी शो सत्यमेव जयते के जरिए समाज के कई ज्वलंत मुद्दों को लेकर लोगों की आंखें खोली हैं और देशप्रेम का परिचय दिया है। ऐसे में लोग कैसे उनके इस बयान को देशद्रोह का नाम दे सकते हैं।
क्या किसी भी आम इंसान को अगर देश में डर लगता है या वो माहौल से डरकर असुरक्षित महसूस करके देश से बाहर जाने की बात करता है तो हम उसे पाकिस्तान भेज देते हैं। उसे देश से निकल जाने के लिए कह देते हैं। क्योंकि आमिर एक सेलेब्रिटी हैं तो उन्हें हर चीज सोचकर बोलनी होगी। ऐसा क्यों। क्या उन्हें आम इंसान की तरह डरने का हक नहीं या फिर ये हक नहीं कि वे देश से बाहर जाएं। उनकी मर्जी वे कहीं भी जाकर रहें इसको मुद्दा बनाने की कोई बात नहीं है।
कई बड़े नेताओं ने कुछ इस तरह से तंज किए हैं कि आमिर ने मियां वीवी की बेडरूम की बातें बाहर लाई। किरण को सोशल मीडिया पर लोगों ने वैंप का नाम दे दिया है, जो अपने पति की बुरी किस्मत के पीछे जिम्मेदार होती है। हालांकि ऐसा कुछ भी नहीं है। क्योंकि वे एक हिंदु हैं आमिर मुस्लिम, इस बात को तूल दिया जा रहा है।
मेरा बड़ा सवाल ये है कि आमिर ने एक बार भी नहीं बोला कि वे भी अपने बच्चे को लेकर देश छोड़ना चाहते हैं या फिर उन्हें भी किरण जितना ही डर लगता  है। उन्होंने बस किरण की राय शेयर की। लेकिन क्या हुआ, दोनों ने कमरे में कुछ बात की और दूसरे दिन बन गई हेडलाइन्स। ऐसा लगता है जैसे इनकी अपनी कोई जिंदगी ही नहीं है। इंसान कहीं भी किसी भी बारे में खुल कर बात करना चाहता है, लेकिन सेलेब्रिटीज के लिए वो करना भी मुश्किल का सबब है।

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