तंबाकू से दिल्ली में हर साल मरते हैं 20 फीसद लोग
दिल्ली की शीला दीक्षित सरकार ने भले ही तंबाकू उत्पादों और तंबाकू युक्त गुटखों की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया हो, लेकिन राष्ट्रीय राजधानी में सरकारी प्रतिबंधों को दरकिनार करके दुकानदार अब भी दोगुनी-तिगुनी कीमतों पर गुटखा बेच रहे हैं। ग्लोबल यूथ टुबैको [गेट्स] के अनुसार, दिल्ली में ४८़ २ फीसद युवा १५ साल से कम की उम्र में ही तंबाकू का सेवन शुरू कर देते है। यहां के १३ लाख लोग 'पैसिव स्मोकर' और १० लाख लोग खैनी या गुटखा के रूप में तंबाकू का सेवन करते है। इनमें २० फीसद लोग हर साल मौत के शिकार होते है।
केंद्र सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की एक सर्वेक्षण रिपोर्ट के मुताबिक तंबाकू सेवन के दुष्परिणाम २० साल के बजाय पांच से छह साल साल के भीतर ही दिखाई देने लगते है। राजीव गांधी कैंसर अस्पताल, दिल्ली के ऑनकोलॉजिस्ट डॉ़ ए़ के़ दीवान पहले ही बता चुके है कि तंबाकू सेवन से पुरुषों में शुक्राणु की गुणवत्ता घट जाती है।
एक अध्ययन में भी ५ से १० साल तक लगातार तंबाकू सेवन करने वाले ३० फीसद युवाओं में नपुंसकता पाई गई है। इस पर गौर करते हुए पिछले हफ्ते दिल्ली हाईकोर्ट ने एक याचिका की सुनवाई करते हुए दिल्ली सरकार को प्रतिबंध लगाने के लिए दो सप्ताह का समय दिया था। दिल्ली सरकार ने प्रतिबंध का आदेश जारी करते हुए इसे खाद्य सुरक्षा अधिनियम के दायरे में लाया, जिसमें सात साल की सजा और १० लाख रुपये जुर्माने का प्रावधान है।
सरकारी प्रतिबंध से बेखौफ राष्ट्रीय राजधानी के विभिन्न इलाके में पान की गुमटियों और किराना व्यवसायी चोरी छिपे दोगुने-तिगुने दाम पर तंबाकू युक्त गुटखों की बिक्री कर रहे है। पता चला है कि भजनपुरा, ओखला और रोहिणी इलाके में तो बुंदेलखंड और कानपुर में निर्मित गुटखे प्रतिबंध को देखते हुए सिर्फ बुंदेली कामगारों को ही पहचान कर बेचे जा रहे हैं। यहां गुटखे बेचने वाले भी बुंदेली ही है।
भजनपुरा के गामड़ी मुख्य बाजार में पान की गुमटी चलाने वाले बांदा के एक व्यवसायी ने बताया कि वह थोक में साहू इंटर प्राइजेज लिमिटेड बांदा द्वारा निर्मित 'भारत श्री' तंबाकू युक्त गुटखा ले आया था, जिन्हें चोरी छिपे बेचना उसकी मजबूरी है।
तंबाकू युक्त गुटखा सेवन करने वाला बुंदेली कामगार गोरेलाल ने बताया कि प्रतिबंध से पहले दिलबाग गुटखा दो रुपये में मिलता था, अब वही पांच रुपये में मिल रहा है। इसी प्रकार शिखर गुटखा चार रुपये में बिक रहा है। उसने बताया कि बांदा में 'भारत श्री' गुटखा पचास पैसे में बिकता है, लेकिन यहां वही गुटखा दो रुपये में बिकने लगा है


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